Preloader Close
उद्गम

मंदिर श्री लाड़ली जी महाराज सेवा परिकर ट्रस्ट

श्री लाड़ली लाल जी महाराज की असीम कृपा से, मंदिर श्री लाड़ली जी महाराज, बरसाना की पंजीकृत सोसाइटी के सभापति द्वारा जनकल्याण के उद्देश्य से एक ऐसी संस्था की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया, जिसके माध्यम से समाज, ब्रजवासी तथा समस्त जनसमूह को किशोरी जी की कृपा का लाभ प्राप्त हो सके और सभी का यह विश्वास और भी दृढ़ हो कि श्री लाड़ली जी की कृपा हम सभी पर समान रूप से बरस रही है।

गोस्वामी समाज के मुखिया श्री रामभरोसी गोस्वामी जी और अन्य सभी वरिष्ठ गोस्वामी सेवायतों ने अपने अनुभवों और अवलोकनों में अनेक बार यह पाया कि बरसाना तथा उसके आसपास के अष्टसखियों के गांवों और अन्य निकटवर्ती क्षेत्रों के निवासियों को पर्याप्त और उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। जहां कहीं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध भी हैं, वहां तक उनकी आर्थिक एवं भौगोलिक पहुंच अत्यंत कठिन और दूरस्थ हो जाती है।

इसके अतिरिक्त यह भी देखा गया कि यहां के निवासियों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए ब्रज क्षेत्र को छोड़कर अन्य स्थानों पर निवास करना पड़ता है, जिससे उन्हें अनेक प्रकार की कठिनाइयों और असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।

इसी प्रकार अनेक अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया, जैसे— गौ माता एवं अन्य पशुओं की सुरक्षा और उपचार हेतु चिकित्सालय की स्थापना, ब्रज की समृद्ध संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन, तथा समाज के समग्र विकास से जुड़े अन्य कल्याणकारी कार्य।

श्री जी की कृपा से इन सभी समस्याओं के समाधान हेतु कार्य करने में सक्षम एक संस्था के निर्माण का निर्णय लिया गया। इस प्रयास को आगे बढ़ाने के लिए गोस्वामी समाज के प्रतिभाशाली युवाओं को साथ लेकर इस संकल्प को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए।
आज यह संस्था श्री लाड़ली लाल जू महाराज की अध्यक्षता में “मंदिर श्री लाड़ली जी महाराज सेवा परिकर ट्रस्ट” के रूप में एक पंजीकृत संगठन के रूप में स्थापित है, जो समाज, ब्रजभूमि और जनकल्याण के विविध कार्यों के लिए समर्पित है.


मंदिर श्री लाड़ली जी महाराज सेवा परिकर ट्रस्ट

🌍 श्री धाम बरसाना एक परिचय

श्रीवृषभानु जी की राजधानी होने के कारण बरसाने का प्राचीन नाम श्री वृषभानुपुर था। वाराहपुराण एवं प‌द्मपुराण में ऐसी कथा आती है कि ब्रहमाजी ने तपस्या के बल पर श्रीकृष्ण से लीला-दर्शन का वरदान प्राप्त किया था। फलस्वरूप लीला दर्शनार्थ वे ब्रहमांचल के रूप में यहां स्थापित इस पर्वत को वृहत्सानु पर्वत के नाम से हुए। इसलिए हैं। ब्रहमाजी के चार्तुमुखी स्वरूप के समान यहां वृहत्सानु की चार चोटियां हैं-
भानुगढ़, दानगढ़, विलासगढ़ तया मानगढ़।
मन्दिर में श्री मानबिहारी लाल के दर्शन हैं। मोरकुटी पर श्री श्यामसुन्दर ने मोर बनकर नृत्य करते हुए अपनी श्यामा जू को रिझाया था। गहवर वन की सघन निकुंजें श्री राधा-माधव की सरस केलि की सहज नियोजिका है। इसके निचले भाग में रासमण्डल है, राधा सरोवर है, शंख का चिन्ह दर्शन है और महाप्रभु बल्लभ जी की बैठक है। वहां पर श्री गोपाल जी के दर्शन हैं। यह सम्पूर्ण ब्रजभूमि स्वयं श्रृंगाराख्य भवरूपा है। तत्स्वरूपा होने के साथ उस परमभाव की भांति उन्मादना उत्पन्न करने में भी पूरी तरह समर्थ है। तभी तो स्वयं रसराज यहां इस राधिका-केलि-महल की किंकरियों के समान महाभावस्था नन्दिनी की कृपा की अभिलाषा लिए सदा रहते हैं-

ब्रह्मांचल पर्वत से प्रकट हुई श्री वृषभानु नंदिनी


श्रील नारायण भट्ट गोस्वामी जी महाराज करीब साढ़े पांच सौ वर्ष पहले ब्रज में आये थे, उस समय समूचा ब्रज लुप्त था। राधारानी के परम भक्त श्रील् नारायण भट्ट जी एवं गोस्वामी श्री नारायण दास श्रोत्रिय (स्वामी जी महाराज) ने ब्रहमांचल पर्वत से सम्वत १६२६ सन १५६९ वर्ष पहले वृषभानु नंदिनी की कृपा से उनके दिव्य श्री विग्रह का प्राकट्य किया था। उन्होंने अपने परम शिष्य श्री नारायण स्वामी जी को श्री विग्रह की सेवा पूजा का भार सौंपा था। तभी से गोस्वामी श्री नारायण दास श्रोत्रिय जी के वंशज बरसाना के गोस्वामी जन श्री राधारानी की पूजा करते आ रहे हैं।


मंदिर श्री लाड़ली जी महाराज

1
मन्दिर का इतिहास
2
श्री राधाष्टमी महोत्सव
3
विश्वप्रसिद्ध लठमार होली
4
समाज गायन श्रंखला
  • मन्दिर श्री लाड़ली जी महाराज बरसाना, उत्तर प्रदेश

    मथुरा के बरसाने में राधा रानी मन्दिर प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। बरसाने के बीचों-बीच एक पहाड़ी है, जिस पर यह खूबसूरत मंदिर स्थित है। इस मंदिर को ‘बरसाने की लाड़ली जी का मंदिर’ और ‘राधारानी महल’ भी कहा जाता है।

    राधा रानी का यह सुंदर और मनमोहक मंदिर करीब ढाई सौ मीटर ऊंची पहाड़ी पर बना है और इस मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। राधा श्रीकृष्ण की आह्लादिनी शक्ति एवं निकुंजेश्वरी मानी जाती हैं। इसलिए राधा किशोरी के उपासकों का यह अतिप्रिय तीर्थ है।

मंदिर श्री लाड़ली जी महाराज सेवा परिकर ट्रस्ट

मंदिर श्री लाड़ली जी महाराज सेवा परिकर ट्रस्ट

संस्था के कल्याणकारी कार्य